Bhartiya Exam

GK and Current Affairs ,part 1


भारत-बांग्लादेश के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति

भारत और बांग्लादेश में कई क्षेत्रो में सहयोग पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच संबंधों से समान विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने के इरादे से ऑल इंडिया रेडियो 23 अगस्त को ‘आकाशवाणी मैत्री’ नाम से बांग्लादेश और बंगाली प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष सेवा का शुभारंभ करेगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इस चैनल का उद्घाटन करेंगे, जो दोनों देशों के बीच सौहार्द सेतु के रूप में काम करेगा। भारत दौरे पर आए बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनउल-हक-इनू के साथ मुलाकात में नायडू ने ये जानकारी दी। दोनों देश संयुक्त रूप से 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध पर डॉक्यूमेंट्री तैयार करने में सहयोग करने पर सहमत हुए। इसके लिए फिल्म प्रभाग, दूरदर्शन और अन्य मीडिया इकाइयों की मदद ली जाएगी। इस डॉक्यूमेंट्री को 2021 में बांग्लादेश की स्वाधीनता की 50वीं सालगिरह के अवसर पर प्रदर्शित करने का प्रस्ताव है।
बांग्लादेश ने 2020 में बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनके देश में बन रही मेगा मूवी के निर्माण में मदद करने के प्रस्ताव रखा जिस पर भारत ने सहमति व्यक्त की। बांग्लादेश में भारतीय फिल्म महोत्सव और भारत में बांग्लादेश फिल्म महोत्सव आयोजित करने पर भी सहमति बनी।




बीपीएल परिवारों की स्वास्य सेवा का खर्च उठाएगी सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को घोषणा की कि सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की स्वास्य सेवा पर आने वाले एक लाख रपए तक के वार्षिक खर्च का वहन करेगी। यह योजना इस बात को सुनिश्चित करेगी कि ऐसे परिवार स्वास्य सेवा के लाभों से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री ने कहा, किसी एक के बीमार हो जाने पर गरीब घर की अर्थव्यवस्था हिल जाती है। उनकी बेटियों की शादी रुक जाती है, बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है और कई बार तो भोजन भी उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने कहा, इसलिए सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए एक अहम योजना लेकर आई है। भविष्य में, यदि ऐसे परिवारों को चिकित्सीय सेवाएं लेनी पड़ती हैं तो सरकार एक साल में एक लाख रपए तक का खर्च उठाएगी।



प्रधानमंत्री ने लालकिले पर झंडा फहराया

70वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर तिरंगा फहराया और लगातार तीसरी बार राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के आर्थिक सुधारों का उल्लेख करते हुए सोमवार को कहा कि विकास के मामले में भारत ने दुनिया के बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है और संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने अगले दो सालों में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) बढ़ोतरी मामले में भारत के 10 वें स्थान से तीसरे पायदान पर आने का अनुमान जताया है।
 


चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा

चीनी विदेश मंत्री वांग यी अपने तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 12 अगस्त को गोवा पहुंचे। चीन के विदेश मंत्री ने 13 अगस्त को दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बाद में उन्होंने अपने समकक्ष सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री की भारत यात्रा का एक मकसद यह भी है कि भारत दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर दूसरे देशों का साथ ना दे।
चीन को डर है कि सितंबर में होने वाली जी-20 समिट के दौरान कई देश इस मुद्दे को उठा सकते हैं और चीन चाहता है कि भारत इस मसले से दूर रहे।
गौरतलब है कि हेग की अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट ने दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को खारिज कर दिया है, जिसके बाद से अमेरिका सहित कई देश चीन को कोर्ट का फैसला मानने को कह रहे हैं। वहीं, चीन ने कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है।



मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक 2016 को राज्यसभा से मंजूरी

राज्यसभा ने कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने के लिए मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक, 2016 को 11 अगस्त को पारित कर दिया। यह विधेयक दो बच्चों के लिए मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने, दो से अधिक बच्चों के लिए मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह करने और कमीशनिंग मां व बच्चा गोद लेने वाली मां के लिए 12 सप्ताह के अवकाश की मंजूरी प्रदान करता है। यह विधेयक अब लोकसभा में भेजा जाएगा। इसके बाद अब इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन कन्वेंशन के 183वें नियम में संशोधन किया जाएगा, जो कामकाजी महिलाओं को कम से कम 14 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देता है। इसमें अब भारत की ओर से मातृत्व अवकाश 26 सप्ताह दर्ज किया जाएगा।

ट्रेन यात्रियों को 10 लाख का बीमा

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को आगामी 31 अगस्त से रेल यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर 10 लाख रुपये तक का यात्रा बीमा कवर मिलेगा। इसके लिए उन्‍हें एक रुपये से भी कम का प्रीमियम भुगतान करना होगा।
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 31 अगस्त से आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये यात्रा का टिकट बुक कराने पर यात्रियों को यात्रा बीमा कवर का विकल्प मिलेगा। इसके लिए उन्‍हें सिर्फ 92 पैसे का प्रीमियम देना होगा।
यह नई सुविधा सभी यात्रियों को उपलब्ध होगी। यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्‍चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा। यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी।
इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा। ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा।
इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है।


 


व्यवसायिक सरोगेसी पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए नया कानून

किराए की कोख यानी सरोगेसी से जुड़े एक अहम विधेयक को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस कानून में कमर्शियल सरोगेसी के मामले में 10 साल जेल या 10 लाख की सज़ा का प्रावधान किया गया है। नए कानून के प्रावधानों में सरोगेसी के लिए सिर्फ नज़दीकी रिश्तेदारों को ही मंजूरी दी गई है। व्यवसायिक सरोगेसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस बिल में किराए के कोख वाली मां के अधिकारों की रक्षा के उपाय किए गए हैं और इस तरह के बच्चों के अभिभावकों को कानूनी मान्यता देने का प्रावधान है। इस बिल में अविवाहित जोड़ों, बच्चे को अपनाने वाले अकेले महिला या पुरुष, लिव-इन में रहने वाले लोगों और समलैंगिकों के सरोगेसी के माध्यम से जन्मे बच्चे को अपनाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।
गौरतलब है कि देश के सभी बड़े शहरों में यह व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। यह जरूपरत ही नहीं अमीरों का शौक भी बन चुका है, जिसके लिए गरीब महिलाओं की कोख धन देकर खरीद ली जाती है। उसका दैहिक और भावनात्मक दोनों तरह से शोषण होता है। सरोगेसी से जन्मा बच्चा स्वस्थ रहा तो उसे अपनाया जाता है वरना विकलांगता की स्थिति में लावारिस छोड़ दिया जाता है। ज्यादातर मामलों में लड़के तो अपना लिए जाते हैं लेकिन ऐसी जन्मी लड़कियां छोड़ दी जाती हैं।
स्कोर्पीन पनडुब्बी दस्तावेज लीक

फ्रांसीसी रक्षा सौदों के कॉन्ट्रैक्टर डीसीएनएस (DCNS) के पास से उसी के द्वारा भारतीय नौसेना के लिए तैयार की गई स्कोर्पीन-क्लास पनडुब्बी की युद्धक क्षमता से जुड़ी गुप्त जानकारी लीक हो गई है। लीक हुए 22,400 गोपनीय दस्तावेज़ों में कई संवेदनशील जानकारियाँ हैं जिनमें पनडुब्बी द्वारा डाटा लेने वाली फ्रीक्वेन्सी, इससे पैदा होने वाले शोर का स्तर, और टॉरपीडो लॉन्च करने से संबंधित जानकारियाँ भी शामिल हैं। अगर ये जानकारियाँ चीन और पाकिस्तान जैसे प्रतिद्वंदियों के हाथ लग जाती है तो भारत को इस पनडुब्बी की वजह से मिली बढ़त में नुकसान हो सकता है। स्कॉर्पियन को भारत में ही बनाया जाता है और इसका डिज़ाइन फ्रांस की कंपनी डीसीएनएस के द्वारा तैयार किया जाता है।
स्कॉर्पियन क्लास की पनडुब्बी की पहली खेप -कलवारी- को अप्रैल 2015 में लॉन्च किया गया था और पिछले साल अक्टूबर में ही इसे पानी में उतारा गया था।


प्रधानमंत्री ने काबुल के नवीनीकृत स्टार पैलेस का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काबुल में नए ढंग से तैयार किए गए स्टार पैलेस का 22 अगस्त को साउथ ब्लॉक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री के साथ अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस पैलेस का उद्घाटन किया।
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश के विकास में सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत और अफ़ग़ानिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई एक साथ मिलकर लड़ेंगे।
भारत-अफ़ग़ानिस्तान मैत्री: एक दृष्टि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर, 2015 में अफ़ग़ानिस्तान की संसद भवन का उद्घाटन किया था। इसे भारत के सहयोग से नौ करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत से तैयार किया गया था।
इसी साल जून में प्रधानमंत्री ने सलमा बांध का उद्घाटन किया था, जिससे न केवल हेरात की कृषि और अर्थव्यवस्था में खुशहाली आएगी, बल्कि यह अफ़ग़ानिस्तान की आर्थिक समृद्धि में भी योगदान देगा। इस बांध को अफ़ग़ानिस्तान-भारत मैत्री बांध के रूप में भी देखा जाता है।
अफ़ग़ानिस्तान और भारत के बीच बढ़ती भागीदारी के तहत इस साल भारत-अफ़ग़ानिस्तान-ईरान ट्रांजिट कॉरिडोर के निर्माण के लिए ऐतिहासिक समझौता हुआ था।
स्टार पैलेस का जीर्णोद्धार एक त्रिपक्षीय समझौते के तहत किया गया है, जिसमें आगा खां डेवलपमेंट नेटवर्क, अफ़ग़ानिस्तान सरकार और भारत की सरकार शामिल है। यह महल अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय परिसर में स्थित है।




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